Understanding Shakat Yoga in Kundli: Impact, Remedies, and Expert Advice | Vedic Astrology
शकट का अर्थ है एक गाड़ी जो पहियों पर चलती है। जिस तरह पहिए ऊपर-नीचे होते हैं उसी तरह व्यक्ति के जीवन में भी उतार-चढ़ाव बने रहते हैं। ज्योतिष के अनुसार जब सभी ग्रह 1 और 7 वें घर में मौजूद होते हैं, तो जन्म योग-चार्ट में शकट योग बनता है। इसके अलावा, बृहस्पति और चंद्रमा की स्थिति भी इस योग की घटना को प्रभावित करती है। जब बृहस्पति 6 वें या चंद्रमा से 8 वें घर में स्थिति हो और बृहस्पति को लग्न या फिर अन्य तीन केंद्र स्थानों से बाहर हो तो यह जन्म चार्ट में शकट योग बनाता है। शकट योग के कारण व्यक्ति को आर्थिक, शारीरिक और मानसिक समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। जो लोग इस योग से पीड़ित हैं, उन्हें उनके अच्छे गुणों के लिए समर्थन और सम्मान नहीं मिल सकता है। शकट योग तब बनता है जब एक कुंडली में सभी ग्रह पहले और सातवें घर में हों। 'शकट' शब्द का अर्थ है बैलगाड़ी। इसलिए, यदि आप इस योग में जन्म लेते हैं तो जीवन बहुत धीमी गति से आगे बढ़ता है। हालाँकि, आपको धीमी गति के कारण निराश नहीं होना चाहिए क्योंकि जीवन अंततः अपनी गति से आगे बढ़ेगा। इस योग के प्रभाव के कारण, आपको अपने बचपन और बुढ़ापे के दौरान काफी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। आपके दांपत्य जीवन में कुछ समस्याएं भी उत्पन्न हो सकती हैं। इसलिए, आपको छोटी-छोटी चीजों पर अपने जीवनसाथी के साथ नहीं लड़ना चाहिए। #शकटयोग #Shakatyog #KundliMeinShakatYog #कुंडलीमेंशकटयोग









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