The Impact of Rahu in Sixth House - Lal Kitab Astrology Analysis by Astrologer Vijay Goel
लाल किताब 1941 की विवेचन शृंखला का ये मेरा नब्बेवां वीडियो है। इसमे मैंने “राहु खाना नंबर 6” (जब कुंडली के छ्ठे घर मे राहु स्थित हो) के बारे मे विश्लेषण करने का प्रयास किया है। षष्ठम भाव को रोग, कर्ज और शत्रुओं के भाव के नाम से जाना जाता है। यह कुंडली का सबसे विरोधाभासी भाव होता है। यह भाव रोगों को जन्म देता है लेकिन वहीं स्वस्थ होने की शक्ति भी प्रदान करता है। इस भाव से लोन या कर्ज मिलता है वहीं यह भाव कर्ज को चुकाने की क्षमता भी देता है। षष्ठम भाव शत्रुओं को भी दर्शाता है लेकिन विरोधियों से लड़ने की ताकत और साहस भी प्रदान करता है। इस भाव को तपस्या का भाव भी कहा गया है। यह भाव त्याग और अलगाव को भी दर्शाता है। इस घर बुध या केतु से प्रभावित होता है। राहू यहां उच्च का होता है और अच्छे परिणाम देता है। जातक सभी प्रकार की झंझटों या मुसीबतों के मुक्त होगा। जातक कपड़ों पर पैसा खर्च करेगा। जातक बुद्धिमान और विजेता होगा। जब राहु अशुभ हो तो वह अपने भाइयों या दोस्तों को नुकसान पहुंचाएगा। जब बुध या मंगल ग्रह बारहवें भाव में हों तो राहु बुरा परिणाम देता है। जातक विभिन्न बीमारियों या धनहानि से ग्रस्त होता है। किसी काम पर जाते समय छींक का होना जातक के लिए अशुभफलदायी होगा। ये विवेचना लाल किताब ज्योतिषियों के अलावा, भृगु नंदी नाड़ी ज्योतिषियों और वैदिक (पाराशर) ज्योतिषियों के लिए भी उपयोगी हो सकती है। वीडियो के बारें मे अपनी प्रतिक्रिया से अवगत अवश्य कराएं। लाल किताब 1941 का विस्तृत वॉल्यूम PDF फॉर्मेट मे प्राप्त करने के लिए व्हाट्सएप्प (+918003004666) पर संपर्क करें। http://www.vijaygoel.net/ #RahuInSixth House #LalKitab #LalKitabAstrology #Rahu #राहु #Rahu #LalKitabAstrologer #LalKitab1941 #LalKitabJyotish #VijayGoel #AstrologerVijayGoel #AstrologerVijay #VedicJyotish #VedicAstrology #NadiJyotish #NadiAstrology #Astrology #Astrologer #Jyotish #Jyotishi #RahuKhanaNo6 #राहुखानानंबर6 #लालकिताब #लाल









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