The Impact of Ketu in the Eleventh House - Lal Kitab 1941 | Astrologer Vijay Goel - EP107

"Explore the impact of Ketu in the Eleventh House (Ketu Khana Number 11) in Lal Kitab 1941 with Astrologer Vijay Goel. Discover the benefits and traits associated with this placement."

लाल किताब 1941 की विवेचन शृंखला का ये मेरा एकसौसातवां वीडियो है। इसमे मैंने “केतु खाना नंबर 11” (जब कुंडली के ग्यारहवें घर मे केतु स्थित हो) के बारे मे विश्लेषण करने का प्रयास किया है।
यह भाव आय भाव भी कहलाता है। अन्य नाम हैं- पणफर, उपचय, लब्धि, एकादश। इस भाव से प्रत्येक प्रकार के लाभ, मित्र, पुत्र वधू, पूर्व संपन्न कर्मों से भाग्योदय, सिद्धि, आशा, माता की मृत्यु आदि विषयों का पता चलता है ग्यारहवां घर शनि और बृहस्पति दोनो के प्रभाव में होता है। जब तक जातक के पिता जीवित हैं तब तक जातक अमीर होगा। वैकल्पिक रूप से, बृहस्पति की वस्तुएं रखना सहयोगी सिद्ध होंगी। जातक के दोस्त अच्छे नहीं होंगे। उसे मतलबी लोगों से पैसा मिलेगा। पिता की मृत्यु के बाद जातक को गले में सोना पहनना चाहिए। यदि राहू के साथ नीच का मंगल ग्यारहवें भाव में हो तो जातक के जन्म के समय घर में सारी चीजें होंगी लेकिन धीरे धीरे करके सारी चीजें बरबाद होनें लगेंगी।
यहां स्थित केतू आपको अनेक प्रकार के शुभफल देगा। आप देखने में आकर्षक और मनोहर व्यक्तित्त्व के स्वामी होंगे। आप विशेष कांति वाले तेजस्वी व्यक्ति हैं। आपको अच्छे कपडे पहनने का शौक होगा। आप परोपकारी और दयालु स्वभाव के हैं। आप स्वभाव से उदार और हमेशा संतुष्ट रहने वाले व्यक्ति हैं। आप उत्तम शिक्षा प्राप्त करेंगे।
आप शास्त्रों को जानने वाले, हंसमुख स्वभाव के विद्वान व्यक्ति हैं। आप सरस और मधुरभाषी हैं। आप पराक्रमी, प्रतिष्ठित और लोकप्रिय होंगे। दूसरे लोग भी आपकी प्रसंशा करेंगे। आप सरकार या राजा के द्वारा सम्मान प्राप्त करेंगे। आप अनेक प्रकार के आभूषणों और ऐश्वर्य से सम्पन्न होंगे। आपकी आमदनी के कई स्रोत होंगे।
आप भाग्यवान व्यक्ति हैं और आपका घर बडा सुंदर होना चाहिए। आप क
4 years ago
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