Impact of Mars in Sixth House (मंगल खाना नंबर 6) - Lal Kitab 1941 - EP54 - Astrologer Vijay Goel

Learn about the impact of Mars in the Sixth House (Mangal Khana Number 6) in Lal Kitab 1941. Astrologer Vijay Goel discusses the effects on enemies, finances, and health in this informative video.

लाल किताब 1941 की विवेचन शृंखला का ये मेरा चौवनवाँ वीडियो है। इसमे मैंने “मंगल खाना नंबर 6 (जब कुंडली के छठे घर मे मंगल स्थित हो) के बारे मे विश्लेषण करने का प्रयास किया है।
कुंडली के छठे घर को भारतीय वैदिक ज्योतिष में अरि भाव अथवा शत्रु भाव कहा जाता है तथा कुंडली के इस घर के अध्ययन से यह पता चल सकता है कि कुंडली धारक अपने जीवन काल में किस प्रकार के शत्रुओं तथा प्रतिद्वंदियों का सामना करेगा तथा कुंडली धारक के शत्रु अथवा प्रतिद्वंदी किस हद तक उसे परेशान कर पाएंगे। कुंडली के छठे घर के बलवान होने से तथा किसी विशेष शुभ ग्रह के प्रभाव में होने से कुंडली धारक अपने जीवन में अधिकतर समय अपने शत्रुओं तथा प्रतिद्वंदियों पर आसानी से विजय प्राप्त कर लेता है तथा उसके शत्रु अथवा प्रतिद्वंदी उसे कोई विशेष नुकसान पहुंचाने में आम तौर पर सक्षम नहीं होते जबकि कुंडली के छठे घर के बलहीन होने से अथवा किसी बुरे ग्रह के प्रभाव में होने से कुंडली धारक अपने जीवन में बार-बार शत्रुओं तथा प्रतिद्वंदियों के द्वारा नुकसान उठाता है तथा ऐसे व्यक्ति के शत्रु आम तौर पर बहुत ताकतवर होते हैं।
कुंडली का छठा घर कुंडली धारक के जीवन काल में आने वाले झगड़ों, विवादों, मुकद्दमों तथा इनसे होने वाली लाभ-हानि के बारे में भी बताता है। इसके अतिरिक्त कुंडली के इस घर से कुंडली धारक के जीवन में आने वाली बीमारियों तथा इन बीमारियों पर होने वाले खर्च का भी पता चलता है। कुंडली के छ्ठे घर से कुंडली धारक की मज़बूत या कमज़ोर वित्तिय स्थिति का भी पता चलता है। कुंडली में छठे घर के बलहीन होने से अथवा किसी विशेष बुरे ग्रह के प्रभाव में होने से कुंडली धारक को अपने जीवन काल में कई बार वित्तिय संकटों का सामना करना पड़ सकता है तथा उसे अपने जीवन काल मे
5 years ago
commentvideo Comment
commentvideo Comment Response Powered by DKSCORE AI