Unveiling the Mysteries of Ketu in the Twelfth House - Lal Kitab 1941 with Astrologer Vijay Goel
लाल किताब 1941 की विवेचन शृंखला का ये मेरा एकसौआठवां वीडियो है। इसमे मैंने “केतु खाना नंबर 12” (जब कुंडली के बारहवें घर मे केतु स्थित हो) के बारे मे विश्लेषण करने का प्रयास किया है। खाना नंबर 12 से शैय्या सुख, व्यय (खर्चा), गुप्त शत्रु, विदेश यात्रा, विदेश व्यवसाय, चिकित्सीय व्यय, जेल यात्रा, कानूनी विवाद आदि का विचार किया जाता है। यह भाव गुरु का घर होता है। यहां स्थित केतू शुभफलों के रूप में आपको राजा के समान सुख और ऐश्वर्य दे सकता है। आपकी आंखे सुंदर होंगी। आप अच्छी शिक्षा प्राप्त करेंगे। आप शास्त्रों को जानने वाले कवित्त सम्पन्न व्यक्ति हैं। आप शत्रुओं को पराजित कर शत्रुओं का नाश करने वाले व्यक्ति हैं। वाद-विवाद में आप हमेशा विजयी रहते हैं। धार्मिक और शुभ कर्मों कें आप धन खर्च करते हैं। अर्थात आपका धन अच्छे कार्यों में खर्च होता है। लेकिन यहां स्थिति केतू कुछ अशुभ परिणाम भी देता है जिसके कारण आप चंचल स्वभाव के भी हो सकते हैं। आप किसी पर विश्वास नहीम करेंगे। लोंगो को भ्रमित करते रहेंगे। आप कुछ हद तक डरपोक भी हो सकते हैं। आपका मन अशांत रह सकता है। आपकी पुरानी सम्पत्ति नष्ट हो सकती है। आपको आखों से सम्बंधित कोई तकलीफ हो सकती है। पेट के आस-पास कोई रोग हो सकता है या कष्ट रह सकता है। गुदा में या गुह्यभाग में रोग हो सकता है। पांवों से सम्बंधित कोई तकलीफ रह सकती है। मामा से कम सुख मिलेगा। आपको अपने जीवनकाल में बहुत सी यात्राएं करनी पडेंगी। ये विवेचना लाल किताब ज्योतिषियों के अलावा, भृगु नंदी नाड़ी ज्योतिषियों और वैदिक (पाराशर) ज्योतिषियों के लिए भी उपयोगी हो सकती है। वीडियो के बारें मे अपनी प्रतिक्रिया से अवगत अवश्य कराएं। लाल किताब 1941 का विस्तृत वॉल्यूम PDF फॉर्मेट मे प्राप्त करने के लिए व्हा









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