Exploring the Impact of Mercury in Eighth House in Lal Kitab 1941 - Astrologer Vijay Goel

Unlock the secrets of Mercury in Eighth House in Lal Kitab 1941 with Astrologer Vijay Goel. Discover the impact on longevity, health, and financial prospects. #LalKitab #Astrology #VedicAstrology #MercuryInEighthHouse #Budh #LalKitabAstrologer

लाल किताब 1941 की विवेचन शृंखला का ये मेरा अड़सठवां वीडियो है। इसमे मैंने “बुध खाना नंबर 8” (जब कुंडली के आठवे घर मे बुध स्थित हो) के बारे मे विश्लेषण करने का प्रयास किया है।
जन्म कुंडली में अष्टम भाव जातकों का आयु भाव कहलाता है। यह भाव जातकों की दीर्घायु अथवा जीवन की अवधि को बताता है। ज्योतिष में इसे मृत्यु का भाव भी कहा जाता है। जहाँ प्रथम भाव व्यक्ति के देह धारण को दर्शाता है। वहीं अष्टम भाव व्यक्ति के देह त्यागने का बोध कराता है। सनातन परंपरा के अनुसार, कुंडली में अष्टम भाव से जीवन के अंत को दर्शाया जाता है। इसलिए इस भाव को अशुभ भाव भी कहा जाता है।
आठवें घर में स्थित बुध बहुत बुरे प्रभाव देता है। लेकिन यदि इसके साथ कोई पुरुष ग्रह बैठा तो बुध अपने साथ बैठे ग्रह के फलों को और अच्छा करेगा।जातक एक कठिन जीवन जीता है, रोगों से पीड़ित रहता है और 32 से 34 साल उम्र के दौरान उसकी आमदनी आधी हो जाती है। यदि दूसरे भाव में कोई ग्रह हों तो परिणाम और अधिक हानिकारक होते हैं। यदि राहु भी इसी घर में हो तो जातक को जेल जाना पड सकता है, अस्पताल में भर्ती होना पड सकता है या जगह जगह भटकना पड सकता है। परिणाम और भी बुरा होता है यदि मंगल भी यहीं बैठा हो। यहां का बुध सरकारी विवाद पैदा करवाता है। साथ ही रक्त विकार, नेत्र विकार, दांत और नस में दर्द साथ की साथ व्यापार में भारी नुकसान देता है।
ये विवेचना लाल किताब ज्योतिषियों के अलावा, भृगु नंदी नाड़ी ज्योतिषियों और वैदिक (पाराशर) ज्योतिषियों के लिए भी उपयोगी हो सकती है। वीडियो के बारें मे अपनी प्रतिक्रिया से अवगत अवश्य कराएं। लाल किताब 1941 का विस्तृत वॉल्यूम PDF फॉर्मेट मे प्राप्त करने के लिए व्हाट्सएप्प (+918003004666) पर संपर्क करें। http://www.vijaygoel.net/ #mercuryInSeventhHouse #LalKitab #LalKitabAstrology #mercury #बुध #Budh #LalKitabAstrologer #LalKitab194
5 years ago
commentvideo Comment
commentvideo Comment Response Powered by DKSCORE AI